छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही: सांप काटने से पीड़ित महिला को नहीं मिला समय पर डॉक्टर, हालत बिगड़ी

Shantanu Roy
1 Sept 2025 11:15 PM IST
स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही: सांप काटने से पीड़ित महिला को नहीं मिला समय पर डॉक्टर, हालत बिगड़ी
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Katghora. कटघोरा। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार देर रात डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण एक महिला मरीज की स्थिति गंभीर हो गई। मौलिनभांठा की 55 वर्षीय अनिता श्रीवास को घर पर सोते समय जहरीले सांप ने काट लिया था। परिजन तत्काल उन्हें स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर न मिलने से उपचार में देरी हो गई। सूत्रों के अनुसार, परिजन और स्थानीय लोग महिला को अस्पताल ले जाने के बाद करीब एक घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई चिकित्सक मौके पर नहीं आया। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों के न पहुंचने से नर्सिंग स्टाफ ने अपने स्तर पर उपचार शुरू किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पाया।
अस्पताल में हंगामा, बीएमओ भी नहीं पहुंचे
लगातार बिगड़ रही स्थिति को देखकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर थी कि गंभीर मरीज आने के बाद भी न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया गया कि बीएमओ को सूचना देने के बावजूद वे अस्पताल नहीं आए। अंततः नर्सिंग स्टाफ और पुलिस की समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ। महिला की हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय पर डॉक्टर मौजूद रहते तो मरीज की स्थिति इतनी गंभीर न होती। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
स्वास्थ्य अधिकारी का सफाई भरा बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी बी.एन. केसरी ने कहा कि मरीज का बीपी बढ़ा हुआ था और डॉक्टरों की अनुपस्थिति की वजह यह रही कि एक डॉक्टर छुट्टी पर थे, दूसरा शिविर में गया था और तीसरा डॉक्टर ओपीडी में व्यस्त था। उन्होंने माना कि घटना गंभीर है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व ग्रामीणों को समझाइश दी। पुलिस की मध्यस्थता के बाद हंगामा शांत हुआ, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर डॉक्टरों की अनुपस्थिति रहती है और मरीजों को नर्सिंग स्टाफ या कंपाउंडर के भरोसे छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग जल्द सुधार नहीं करता तो वे आंदोलन करेंगे।
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